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बजट 2026 में वित्त मंत्री से क्या चाहती है Real Estate इंडस्ट्री, जानें आपके काम की बात

jeb jaroorat zindagi 3 minutes UA-3+

<p>केंद्रीय बजट 2026-27 से पहले रियल एस्टेट सेक्टर की सबसे बड़ी संस्था CREDAI ने सरकार को अपनी अहम सिफारिशें सौंपी हैं. CREDAI का कहना है कि अगर भारत को “Housing for All” और “Viksit Bharat” के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ना है, तो अब हाउसिंग सेक्टर में बड़े सुधार जरूरी हो गए हैं. सबसे बड़ी मांग Affordable Housing की परिभाषा बदलने को लेकर है. अभी सस्ते घर की कीमत की सीमा ₹45 लाख तय है, जो 2017 से नहीं बदली गई. CREDAI का कहना है कि जमीन और निर्माण लागत बहुत बढ़ चुकी है, इसलिए यह सीमा अब हकीकत से मेल नहीं खाती. संगठन चाहता है कि कीमत की सीमा हटाकर केवल घर के साइज (carpet area) के आधार पर affordable housing तय की जाए. CREDAI ने सुझाव दिया है कि मेट्रो शहरों में 90 वर्ग मीटर और नॉन-मेट्रो शहरों में 120 वर्ग मीटर तक के घर affordable माने जाएं. इससे शहरों में ज्यादा घर बन सकेंगे और लोगों के पास विकल्प बढ़ेंगे. होम लोन लेने वालों के लिए भी बड़ी राहत की मांग की गई है. अभी होम लोन के ब्याज पर सिर्फ ₹2 लाख तक टैक्स छूट मिलती है, जबकि आज के समय में कई लोगों का सालाना ब्याज ₹4 से ₹6 लाख तक पहुंच गया है. CREDAI चाहता है कि पहली बार घर खरीदने वालों के लिए यह सीमा पूरी तरह हटाई जाए और नया टैक्स सिस्टम चुनने वालों को भी यह फायदा मिले. कम आय और असंगठित सेक्टर के लोगों के लिए CREDAI ने Credit Guarantee Scheme की मांग की है, जिससे बिना ज्यादा दस्तावेज के भी उन्हें बैंक से लोन मिल सके. इसके अलावा GST को भी सरल और कम करने की मांग की गई है. साथ ही, तेजी से बढ़ते शहरों को देखते हुए CREDAI ने National Rental Housing Mission शुरू करने की भी अपील की है, ताकि किराए के मकानों की समस्या कम हो सके.</p>

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