
Budget 2026: डेट म्यूचुअल फंड को मिल सकती है बड़ी राहत
<p>जैसे-जैसे बजट 2026 नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे म्यूचुअल फंड निवेशकों की उम्मीदें भी बढ़ती जा रही हैं. इस बार चर्चा का सबसे बड़ा मुद्दा है – डेट म्यूचुअल फंड्स पर इंडेक्सेशन बेनिफिट की वापसी. पिछले कुछ सालों में सरकार ने डेट फंड्स के टैक्स नियमों में बड़े बदलाव किए. साल 2023 में डेट म्यूचुअल फंड्स से इंडेक्सेशन का फायदा हटा दिया गया.</p> <p>इसके बाद 2024 के बजट में टैक्स नियम और सख्त हो गए. अब हालात ये हैं कि डेट फंड से होने वाली कमाई पर निवेशकों को सीधे अपने इनकम टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स देना पड़ता है. मतलब अगर कोई निवेशक 30 प्रतिशत टैक्स स्लैब में है, तो मुनाफे का बड़ा हिस्सा टैक्स में चला जाता है, चाहे निवेश कितने भी सालों का हो. इसी वजह से डेट म्यूचुअल फंड्स में निवेश का आकर्षण काफी कम हो गया. खासकर रिटायर लोग और सीनियर सिटीजन्स, जो सुरक्षित निवेश चाहते हैं, वे सबसे ज्यादा प्रभावित हुए.</p> <p>अब म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की संस्था AMFI ने सरकार के सामने मांग रखी है कि 36 महीने या उससे ज्यादा समय के डेट फंड्स पर इंडेक्सेशन का फायदा फिर से दिया जाए. साथ ही टैक्स के दो विकल्प देने का सुझाव है, या तो सीधा 12.5 प्रतिशत टैक्स, या फिर इंडेक्सेशन के साथ 20 प्रतिशत टैक्स.</p> <p>इंडेक्सेशन का मतलब आसान भाषा में ये होता है कि निवेश की कीमत को महंगाई के हिसाब से एडजस्ट किया जाए, ताकि टैक्स सिर्फ असली मुनाफे पर लगे. इससे निवेशकों पर टैक्स का बोझ कम होता है. अगर बजट 2026 में सरकार इस मांग को मान लेती है, तो डेट म्यूचुअल फंड्स फिर से निवेशकों की पसंद बन सकते हैं. इससे सीनियर सिटीजन्स को राहत मिलेगी, निवेश बढ़ेगा और देश के बॉन्ड मार्केट को भी मजबूती मिलेगी.</p>
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