
Budget 2026: भारत में पहली बार कब देना पड़ा था Income Tax?
<p>Union Budget 2026 आने वाला है और एक बार फिर नौकरीपेशा लोगों और मिडिल क्लास की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस बार income tax में क्या बदलाव होगा. हर साल बजट के समय टैक्स को लेकर उम्मीदें बढ़ जाती हैं. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि भारत में income tax की कहानी करीब 160 साल पुरानी है. भारत में पहली बार income tax साल 1860 में लगाया गया था. इसकी वजह थी 1857 का विद्रोह. इस आजादी की लड़ाई से ब्रिटिश सरकार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ था. इसी नुकसान की भरपाई के लिए अंग्रेजों ने आम लोगों की कमाई पर टैक्स लगाने का फैसला किया. इस टैक्स को लागू करने वाले व्यक्ति थे Sir James Wilson. हैरानी की बात यह है कि पहले ही साल सरकार ने करीब 30 लाख रुपये टैक्स के रूप में जुटा लिए थे. शुरुआत में income tax के नियम आज से बिल्कुल अलग थे. खेती से होने वाली कमाई पर भी टैक्स लगाया जाता था. लेकिन किसानों के कड़े विरोध के बाद इस टैक्स को हटा दिया गया. इसके बाद साल 1922 में नया Income Tax Act लागू हुआ. इसी कानून के तहत पहली बार tax slab system शुरू किया गया. यानी ज्यादा कमाई पर ज्यादा टैक्स. आजादी के बाद साल 1961 में नया Income Tax Act बनाया गया. यही कानून आज भी भारत के tax system की नींव है. समय के साथ सरकार ने deduction. exemption और relief जैसे प्रावधान जोड़े ताकि लोग ईमानदारी से टैक्स भरें. लेकिन 1970 के दशक में टैक्स दरें बहुत ज्यादा बढ़ गईं. इंदिरा गांधी सरकार के समय 2 लाख रुपये से ज्यादा कमाने वालों पर 85 प्रतिशत टैक्स लगा दिया गया. सरचार्ज मिलाकर यह टैक्स 93.5 प्रतिशत तक पहुंच गया. इससे टैक्स चोरी बढ़ने लगी और आखिरकार सरकार को यह फैसला वापस लेना पड़ा. इसके बाद टैक्स दरें धीरे-धीरे कम की गईं और standard deduction जैसी सुविधा लाई गई. हालांकि इसे बीच में हटाया गया लेकिन साल 2018 में दोबारा लागू किया गया. आज भारत में old tax regime और new tax regime दोनों मौजूद हैं. नए टैक्स सिस्टम में 7 लाख रुपये तक की income tax-free है.</p>
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